इंतज़ार लगा था मुसकुराती हुई झुर्रियों में, पहली मुलाक़ात की ख़ुशी,आंसू न रुके।
बात न कह पाने की बात ही कुछ और है...
इंतज़ार की शिकन मुसकुरा उठी, धुंदली नज़र के आस पास कहीं।
होना ही था, पहली मुलाक़ात थी...